Share on Facebook Share on Twitter Share on Google+ Share on Pinterest Share on Linkedin ज्ञान ज्योति इंस्टीट्यूट और आईपीसीए ने की प्लास्टिक प्रबंधन के लिए संयुक्त अभियान की शुरुआत नबज़-ए-पंजाब, मोहाली, 14 अगस्त 2025: पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, ज्ञान ज्योति इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी , फेज २ ने इंडियन पॉल्यूशन कंट्रोल एसोसिएशन (आईपीसीए) के साथ मिलकर एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। इस संयुक्त प्रयास के तहत प्लास्टिक के प्रति जिम्मेदार दृष्टिकोण विकसित करें थीम के अंतर्गत एक नए प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य प्लास्टिक कचरे को सही ढंग से अलग करके और उसकी रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देकर प्लास्टिक प्रदूषण को कम करना है। इस प्रोजेक्ट के हिस्से के रूप में, कैंपस में एक विशेष ड्रॉप बॉक्स स्थापित किया गया है, जहाँ छात्र और कर्मचारी अपना प्लास्टिक कचरा जमा कर सकेंगे। इस कचरे को नियमित रूप से इक_ा करके रीसाइक्लिंग के लिए भेजा जाएगा, ताकि पर्यावरण पर इसके नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सके। इस पहल का औपचारिक उद्घाटन ज्ञान ज्योति ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स के चेयरमैन श्री जे.एस. बेदी ने किया। कार्यक्रम के दौरान, इंडियन पॉल्यूशन कंट्रोल एसोसिएशन का प्रतिनिधित्व कर रहीं डॉ. रीना ने एक विस्तृत जागरूकता सत्र का संचालन किया। उन्होंने छात्रों और कर्मचारियों को प्लास्टिक का उपयोग कम करने, दोबारा उपयोग करने, और रीसाइक्लिंग के सिद्धांतों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने समझाया कि कैसे प्लास्टिक का उपयोग कम करके, उसे दोबारा उपयोग में लाकर और रीसाइक्लिंग के लिए भेजकर हम धरती को प्रदूषण से बचा सकते हैं। छात्रों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए, चेयरमैन श्री जे.एस. बेदी ने कहा, हम सिर्फ एक शैक्षणिक संस्थान नहीं हैं, बल्कि एक सामाजिक रूप से जिम्मेदार इकाई भी हैं। प्लास्टिक प्रदूषण एक गंभीर चुनौती है, और इसका सामना करने के लिए हर किसी की भागीदारी आवश्यक है। मुझे खुशी है कि हमारे छात्र और कर्मचारी इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट का हिस्सा बन रहे हैं। हमारा लक्ष्य ऐसे नागरिक तैयार करना है जो पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार और जागरूक हों। डायरेक्टर डॉ. अनीत बेदी ने प्रोजेक्ट के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा यह प्रोजेक्ट हमारे कैंपस को एक स्वच्छ और टिकाऊ स्थान बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। छात्रों को शुरुआत से ही प्लास्टिक कचरे का सही प्रबंधन सिखाना बहुत जरूरी है। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से हम व्यावहारिक ज्ञान दे रहे हैं कि कैसे छोटे-छोटे प्रयासों से बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। इस सत्र के बाद, कॉलेज के छात्रों की एक टीम ने इस विषय पर एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। इस नाटक ने कलात्मक ढंग से प्लास्टिक के हानिकारक प्रभावों को दर्शाया और दर्शकों को इस समस्या के समाधान के लिए जागरूक किया।
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ਬੀਤੇ ਪੰਜ ਮਹੀਨਿਆਂ ਵਿਚ ਵਾਪਰੀਆਂ ਸਿਆਸੀ ਘਟਨਾਵਾਂ ਨਾਲ ਦੁੱਖ ਪਹੁੰਚਿਆ-ਕੈਪਟਨ ਅਮਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਨੇ ਅਸਤੀਫਾ ਦੇਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਸੋਨੀਆ ਗਾਂਧੀ ਨੂੰ ਲਿਖਿਆ ਪੱਤਰ